हज़ारीबाग किरोसिन विस्फोट हादसे के मृतकों को मिलेगी चार लाख की मुआवजा राशि..

हजारीबाग में किरोसिन विस्फोट के मामले को लेकर बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक मनीष जायसवाल वेल में ज़मीन पर लेट गए। मनीष जायसवाल का कहना है कि बीते 9 फरवरी से हजारीबाग में किरोसिन विस्फोट की शुरुआत हुई जिसके बाद लगातार चार घटनाएं हुई हैं। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की जाँच हो, साथ ही दोषी पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। जानकारी के अनुसार, स्पीकर ने विधायक मनीष जायसवाल को अपनी बात रखने का मौका दिया था। लेकिन जैसे ही मनीष जायसवाल के सवालों पर जवाब देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री खड़े हुए तभी भाजपा के विधायक हंगामा करने लगे।

वहीं मनीष जायसवाल के सवालों का फिर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया| उन्होंने कहा कि किरोसिन विस्फोट मामला उनके संज्ञान में है। मुख्यमंत्री ने इस घटना में मृत लोगों के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा देने की बात कही| उन्होंने कहा कि एक ही क्षेत्र में यह घटनाएं घट रही हैं और ये निंदनीय हैं| इस मामले में किरोसिन के सैम्पल को लेबोरेटरी भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट आ गई है और इसमें मिलावट की बात सामने आ रही है। वहीं , एक डीलर का नाम भी इस मामले में सामने आ रहा है। सीएम ने कहा कि इस घटना का उन्हें खेद है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस घटना में चाहे जो भी शामिल हों उनपर सख्त कार्रवाई होगी।
इसके बाद सदन में मुख्यमंत्री के जवाब पर भी सदन में हंगामा जारी रहा। सीएम के जवाब में घायलों का जिक्र नहीं होने पर जायसवाल ने विरोध जताया। विधायक जायसवाल ने घायलों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था की मांग की है।

उधर, सोमवार की शाम हजारीबाग में एक और किरोसिन विस्फोट का मामला सामने आया है| इस घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई| महिला गंभीर रूप से झुलस गई है और फिलाहल उसका इलाज रांची के रिम्स अस्पताल में चल रहा है|

आपको बता दें कि केरोसिन ब्लास्ट मामले में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं | जिसमें से कई का इलाज अस्पताल में जारी है| वहीं , घटना के बाद जिला प्रशासन ने जनवरी महीने में डीलर की ओर से वितरण किए गए केरोसीन को घर-घर जाकर जब्त किया था और लोगों को तेल उपयोग नहीं करने की भी अपील की थी | इसके बावजूद एक बार फिर इस तरह की घटना घटी है, जो चिंता के साथ -साथ हैरानी का विषय बना हुआ है |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *