बोकारो के शराब कारोबारी अनिल सिंह को पुलिस ने दबोचा, दिल्ली के 5 स्टार होटल में छुपा था..

बोकारो: बिहार में शराबबंदी लागू है। जबसे शराबबंदी हुई है तब से पड़ोसी राज्यों से बिहार में शराब की तस्करी भी बढ़ी है। झारखंड से भी शराब में चोरी-छुपे शराब की सप्लाई की खबरें आती रहती हैं। इस मामले में बिहार की राजधानी पटना की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। झारखंड से बिहार में शराब की आपूर्ति के आरोप में बोकारो के शराब माफिया अनिल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी नई दिल्ली में हुई है। वह एक फाइव स्टार होटल में छुपा था। बिहार पुलिस को 11 महीने से अनिल की तलाश थी। झारखंड में भी उसे पकड़ने की कोशिश की गई थी पर अपनी पहुंच की बदौलत वह बिहार पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था।

अप्रैल 2021 में पहली बार आया था नाम..
अनिल सिंह बोकारो के को-ऑपरेटिव कॉलोनी का रहनेवाला है। बालीडीह के बियाडा औद्योगिक क्षेत्र में श्रीओम बोट्र्ल्स एंड ब्लेन्डर्स के नाम से उसकी विदेशी शराब की फैक्ट्री है। इसी की आड़ में वह बिहार में अवैध शराब की सप्लाई करता है। जमुई के मलयपुर थाना क्षेत्र में ट्रक से बरामद शराब की जांच के दौरान पहली बार इसका नाम सामने आया। तब बिहार पुलिस ने बालीडीह स्थित फैक्ट्री में छापा मारा था, जहां से बगैर बैच के लगभग सवा लाख लीटर नकली शराब बरामद हुआ था। तब उसकी फैक्ट्री भी सील की गई थी। हालांकि बाद में उसने अपने रसूख का इस्तेमाल कर इसे दोबारा शुरू कर दिया। अनिल सिंह पर बिहार में शराब की तस्करी से जुड़े 6 मामले दर्ज हैं। पटना के अलावा नवगछिया, जमुई, बांका और मुजफ्फरपुर के थानों में दर्ज मामलों में इसकी तलाश थी। झारखंड के बालीडीह और बगोदर थाने में उत्पाद अधिनियम के तहत इसपर प्राथमिकी दर्ज है।

जमुई पुलिस ने बोकारो में दर्ज कराई थी प्राथमिकी..
बिहार के जमुई में जब्त शराब व गिरफ्तार लोगों की निशानदेही पर बालीडीह स्थित अनिल सिंह की शराब फैक्ट्री में जमुई पुलिस ने अप्रैल, 2021 में छापेमारी की थी। जमुई पुलिस व वहां के उत्पाद विभाग की टीम यहां से जब्त शराब को नहीं ले जा सकी थी। बाद में स्थानीय थाने में लिखित आवेदन देते हुए बियाडा स्थित शराब फैक्ट्री श्री ओम बॉटलर्स एंड ब्लेंडर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक अनिल सिंह, श्रीप्रसन सिंह, गजेन्द्र सिंह तथा गुरुप्रीत सिंह सुनेजा पर प्राथमिकी दर्ज करा कर जब्त सूची बोकारो पुलिस को सुपुर्द कर दिया। साथ ही, कंपनी को दंडाधिकारी की उपस्थिति में सील कर दिया गया। यह प्राथमिक बिहार के जमुई जिले मलयपुर थाने के एएसआइ भगवान ठाकुर ने दर्ज कराया। प्राथमिकी दर्ज कराने से पहले बिहार पुलिस जब्त शराब को ले जाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन बाद उसे यहां मामला दर्ज कराना पड़ा। दर्ज एफआइआर में 6936 लीटर शराब जो कि 28506 बोतल को 791 कार्टन में रखा गया था।

तब 36 घंटे तक चली थी छापेमारी..
जमुई के मलयपुर थाने की पुलिस ने जब शराब लदा ट्रक पकड़ा गया तो वहां की पुलिस ने चालक से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के क्रम में बताया कि पूरा माल ओम बॉटलर्स बालीडीह से लेकर आ रहे हैं। वहां और भारी मात्रा में शराब बनकर तैयार है। इस सूचना के बाद बिहार के जमुई जिला की पुलिस ने बालीडीह की शराब फैक्ट्री ओम बॉटलर प्लांट में छापेमारी की थी। छापेमारी में प्रशिक्षु डीएसपी आदित्य कुमार व जमुई के मलयपुर एसएचओ विजय कुमार , एएसआइ भगवान ठाकुर के साथ वहां के उत्पाद विभाग की टीम शामिल थी।

बोकारो उत्पाद विभाग की भूमिका पर सवाल..
जमुई में अवैध शराब के साथ हुई गिरफ्तारी के बाद भी बोकारो के उत्पाद विभाग ने संज्ञान नहीं लिया। मजबूर होकर बिहार पुलिस ने स्वयं टीम बनाकर छापेमारी का निर्णय लिया था। इससे पहले बोकारो के दो धंधेबाजों को पुलिस ने बिहार से होली से पहले शराब के साथ गिरफ्तार किया था, जिसमें बोकारो का सिटू सिंह गिरफ्तार हुआ था। इस सूचना के बाद उत्पाद विभाग कार्रवाई करने के बजाय चुप रहा । जबकि, बिहार उत्पाद विभाग लगातार इस बात की सूचना दे रही थी कि अवैध शराब की खेप बोकारो से आ रही है।

अनिल सिंह की गिरफ्तारी से बोकारो उत्पाद विभाग की किरकिरी..
पटना पुलिस ने बुधवार को अनिल सिंह को नई दिल्ली स्थित फाइव होटल से गिरफ्तार किया। अनिल सिंह की गिरफ्तार से बोकारो पुलिस और बोकारो उत्पाद विभाग की किरकिरी हो रही है। क्योंकि ऐसा नहीं है कि बोकारो पुलिस और बोकारो उत्पाद विभाग को अनिल सिंह की गतिविधियों की जानकारी न हो। अनिल सिंह को बिहार पुलिस की मद्य निषेध इकाई ने दिल्ली के फाइव स्टार होटल में छापेमारी कर गिरफ्तार किया है। उसे बुधवार की देर शाम विमान से पटना लाया गया जहां पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से ही अनिल सिंह झारखंड के शराब कारोबारियों का सिंडिकेट बनाकर बिहार के कई जिलों में शराब की आपूर्ति कर रहा था। उस पर नवगछिया के खरीक, पटना के अगमकुआं, जमुई के मलयपुर, बांका के बौंसी और मुजफ्फरपुर सदर थाने में उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज है। इसके अलावा झारखंड के बोकारा के बालीडीह और गिरीडीह के बगोदर थाने में भी प्राथमिकी है। सभी मामलों में वह फरार था।

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