जल्द खुल सकता है गिरिडीह का ओपेन कास्ट कोयला खदान..

कोल इंडिया लिमिटेड के अधीन गिरिडीह के बंद पड़े ओपेन कास्ट कोयला खदान को सीटीओ दिलाने के मुद्दे पर शुक्रवार को अहम बैठक हुई| गिरिडीह व गांडेय विधायक ने बनियाडीह स्थित परियोजना कार्यालय में एरिया बोर्ड के महाप्रबंधक के साथ बैठक की|

इस दौरान सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने ओपेन कास्ट कोयला खदान को सीटीओ नहीं मिलने का सबसे बड़ा कारण सीसीएल की लापरवाही को बताया| उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान राज्य पर्यावरण समिति के अधिकारी से भी फोन पर बातचीत की गयी जिसमें सोमवार को सीटीओ देने पर सहमति बन गयी है|

विधायक ने कहा कि कबरीबाद खदान को दुबारा चालू कराने को लेकर भी पहल शुरू कर दी गयी है| हालांकि क्योंकि मामला भारत सरकार के पास लंबित है तो इसमें वक्त लग सकता है|

इस बीच बैठक में महाप्रबंधक मनोज अग्रवाल ने गिरिडीह के दोनों खदानों से लगातार हो रही कोयला चोरी की बात प्रमुख्ता से रखी| उन्होंने कहा कि उत्पादन अगर प्रभावित है तो इसका सबसे बड़ी वजह खदानों से हो रही कोयला चोरी ही है|

महाप्रबंधक ने हालांकि ये स्पष्ट रूप से कहा कि गिरिडीह के दोनों खदान किसी सूरत में बंद नहीं होंगें| बल्कि जिन मशीनों की जरुरत है, उन्हें दूसरे खदानों से लाकर उत्पादन को बढ़ाया जायेगा| लेकिन लगातार हो रहे घाटे को कम करने के लिए ये जरूरी है कि हर साल इन खदानों से 12 लाख टन का उत्पादन बढ़ाया जाए, ताकि इससे अब तक के 125 करोड़ के घाटे से सीसीएल को उबारा जा सके|

फिलहाल, हालात ऐसे है कि इन दोनों खदानों में अवैध खनन ने कोल इंडिया की परेशानी को बढ़ा दिया है| इसे रोकना बेहद जरूरी है क्योंकि बगैर अवैध खनन को रोके उत्पादन को भी नहीं बढ़ाया जा सकता|

बैठक के दौरान महाप्रबंधक ने दोनों विधायाकों से स्थानीय प्रशासन से सहयोग दिलाने को लेकर अपील| उन्होंने चोरी को रोकने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने को कहा| बैठक के दौरान महाप्रबंधक ने माना कि बिना सीसीएल कर्मियों की मिलीभगत के खदानों से कोयला चोरी होना संभव नहीं है| ऐसे में जितने कसूरवार कोयला चोर हैं उतने ही कसूरवार कर्मचारी भी हैं|

इस बीच ये भी बाते सामने आयी कि दोनों खदानों में कई सफेदपोश कोयला तस्करों का सिडिकेंट काम कर रहा है जो दिन-रात कोयला चोरी करा रहा है|

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