‘लंग्स बिलबोर्ड डिस्प्ले’ का हुआ अनावरण, वायु प्रदूषण पर करेगा जागरूक..

रांची नगर निगम, सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड), झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और रांची स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वाधान में बुधवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक के समीप अनूठे जागरूकता अभियान के तहत एक विशाल कृत्रिम मानव फेफड़े का बिलबोर्ड (लंग्स बिलबोर्ड डिस्प्ले) स्थापित किया गया, जो प्रतीकात्मक रूप से वायु प्रदूषण के स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभाव को बेहद आकर्षक और प्रभावी ढंग से प्रदर्शित करता है। इस बिलबोर्ड का अनावरण संयुक्त रूप से श्री वाईके दास (मेंबर सेक्रेटरी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड), वार्ड पार्षद श्रीमती आशा देवी गुप्ता, वार्ड पार्षद श्रीमती रोशनी खलखो और श्री ज्योति कुमार सिंह (असिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर, रांची) के द्वारा किया गया।

इस बिलबोर्ड में एक हेपा फ़िल्टर और फैन के जरिए प्रतीकात्मक ढंग से साँस लेने को दर्शाया गया है और साथ ही डिजिटल एयर क्वालिटी मॉनिटर लगा है, जो एयर क़्वालिटी इंडेक्स के अनुरूप रियल टाइम डाटा रिकॉर्ड करेगा और रोजाना वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करेगा। शुरुआत में बिलबोर्ड के फेफड़ों का रंग सफेद है। जो कि स्वस्थ फेफड़ों के प्रतीक के रूप में प्रद्रषित करती है। जो अगले कुछ दिनों या सप्ताह में प्रदूषित हवा के कारण बदलना शुरू कर देगा और यह भूरे से अंततः काला हो जाएगा। यह होर्डिंग डिस्प्ले अगले कई दिनों तक लगा रहेगा। इसका व्यापक उद्देश्य शहर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नागरिकों और स्टेकहोल्डर्स को सहयोग देने के लिए सचेत और जागरूक करना है।

इस अवसर पर रांची नगर निगम में अस्सिस्टेंट म्युनिसिपल कमिश्नर श्री ज्योति कुमार सिंह ने बताया कि “हम शहर में स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसी अनुरूप प्रदूषण स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं। बड़े बदलाव की शुरुआत लोगों के छोटे मगर अहम् प्रयासों से होती है। ऐसे अभियानों और लोगों के सक्रिय सहयोग से स्वच्छ हवा की दिशा में व्यापक बदलाव को संभव बनाया जा सकता है।”

वहीं इस अभियान के व्यापक उद्देश्य के बारे में बताते हुए सीड में सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर सुश्री अंकिता ज्योति ने कहा कि “बढ़ता वायु प्रदूषण स्वास्थ्य संकट का रूप ले रहा है, हालांकि लोगों का एक बड़ा वर्ग अभी भी यह नहीं जानता कि कैसे वाहनों का उत्सर्जन, कंस्ट्रक्शन गतिविधियां एवं सड़क की धूल तथा अन्य प्रदूषक तत्व फेफड़ों को प्रभावित कर रहे हैं।लंग्स बिलबोर्ड अभियान का उद्देश्य खराब वायु गुणवत्ता से पैदा स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत करना है। सीड वैज्ञानिक समाधानों एवं लोगों की आकांक्षाओं को योजना और कार्यान्वयन प्रक्रिया में शामिल करने पर बल देता है और इसी अनुरूप सरकारी एजेंसियों को मदद प्रदान कर रहा है।”

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