सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सरकार हुई सख्त, नए गाइडलाइन्स जारी..

ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए केंद्र सरकार ने आखिरकार गाइडलाइन्स जारी कर दी है. गुरुवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गाइडलाइन्स से जुड़ी जानकारी दी. सरकार की ओर से ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए तीन फ्रेमवर्क बनाए गए हैं, हालांकि ओटीटी प्लेटफॉर्म का रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं किया गया है, लेकिन उनसे तमाम जानकारी मांगी गई है.

इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जवाड़ेकर ने कहा कि अखबार को प्रेस काउंसिल के कोड का पालन करना पड़ता है , इसी तरह टीवी को केबल एक्ट का, लेकिन ओटीटी के लिए कोई नियम नहीं है| इसलिए सारे प्लेटफॉर्म के लिए एक जैसे नियम होने चाहिए|

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के मुताबिक ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए जारी गाइडलाइन्स इस प्रकार हैं-
1. ओटीटी और वेबसाइट को अब अपना डिसक्लोसर देना होगा| रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है लेकिन जानकारी देनी होगी| शिकायत दूर करने के लिए एक जैसा मैकेनिज्म होना चाहिए.
2. ओटीटी पर सेल्फ रेगुलेशन होगा | सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के रिटायर्ज जज या विशिष्ट व्यक्ति की अध्यक्षता में शिकायत की सुनवाई के लिए कमेटी बनेगी| इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के तर्ज पर डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी गलती पर माफी प्रसारित करनी होगी|
3. सेंसर बोर्ड का ऐथिक्स कोड कॉमन रहेगा| डिजिटल मीडिया पोर्टल को अफवाह या झूठ फैलाने का अधिकार नहीं है| मीडिया की आजादी की जवाबदेही होनी चाहिए, उस आजादी के दायरे में यह नियम बनाए गए हैं|

ओटीटी प्लेटफॉर्म के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए भी सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है| नई गाइडलाइन के अनुसार-
• सोशल मीडिया को अन्य मीडिया की तरह ही सभी नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए तीन महीने में नियम लागू होंगे।
• सोशल मीडिया यूजर्स के अकाउंट का वेरिफिकेशन करना होगा, ये कैसे किया जाए इसके लिए उसे खुद प्रबंध करना होगा ।
• हर महीने शिकायत और उसपर होने वाली कार्रवाई पर रिपोर्ट देनी होगी। सबसे पहले पोस्ट डालने वाले की जानकारी देनी होगी।
• आपत्तिजनक पोस्ट को 24 घंटे के अंदर हटाना होगा। आपत्तिजनक कंटेंट को सबसे पहले किसने पोस्ट या शेयर किया इसकी जानकारी सरकार या न्यायालय द्वारा मांगे जाने पर देना आवश्यक होगा।
• मुख्य अनुपालन अधिकारी (Chief Compliance Officer) एवं नोडल संपर्क अधिकारी (Nodal Contact Person) की नियुक्ति करनी होगी। इसके अलावा शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति भी करनी होगा और ये अधिकारी भारत में ही होना चाहिए।
• हर सोशल मीडिया कंपनी को इस बात का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा कि उनके पास प्रतिमाह कितनी शिकायतें आईं और कितनों का निवारण किया गया।
• सोशल मीडिया के लिए तीन स्तरीय कैटेगरी बनेंगी जिसमें U, UA7, UA13 कैटेगरी शामिल होगा।
• महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट की शिकायत मिलने पर उसे 24 घंटे के भीतर हटाना होगा।
• सोशल मीडिया पर फेक न्यूज को लेकर सरकार को काफी शिकायतें मिली हैं। नफरत फैलाने के लिए भी सोशल मीडिया का उपयोग किया जा रहा है। आतंकी भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं|
• सोशल मीडिया में कई अभद्र चीजें दिखाई जा रही हैं। सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर भी शिकायत का फोरम मिलना चाहिए।

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