अधिवक्ता राजीव कुमार ने लगाई सुरक्षा की गुहार, हत्या की आशंका..

मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी वकील राजीव कुमार ने सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनकी हत्या की जा सकती है। झारखंड के डीजीपी और ईडी को मेल भेजकर उन्होंने सुरक्षा की मांग करते हुए जान का खतरा बताया है। सुरक्षा के लिए भेजे गये ईमेल में उन्होंने लिखा है,अगर उनकी हत्या की जाती है या परिवार के किसी भी व्यक्ति को नुकसान पहुंचा, तो इसके लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पंकज मिश्रा, प्रेम प्रकाश और अमित अग्रवाल ही जिम्मेदार होंगे। सूत्रों के अनुसार वह जमानत में रिहा होने के बाद से ही अपनी सुरक्षा को लेकर वह लंबे समय से चिंतित थे। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उन्हें लंबे समय से धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लॉन्ड्रिंग केस के दौरान उनका बॉडी गार्ड हटा लिया गया है।

अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं आरोपी वकील
झारखंड हाईकोर्ट की जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद राजीव कुमार को जमानत पर रिहा कर दिया है। अदालत ने उन्हें एक-एक लाख के दो निजी मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया था। ध्यान रहे कि राजीव कुमार को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था। झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील और पीआईएल किंग के नाम से मशहूर राजीव कुमार पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने पीआईएल से नाम हटाने के एवज में कोलकाता के एक व्यवसायी से एक करोड़ रुपये की रकम मांगी थी।

पीआईएल में नाम हटवाने के एवज में पैसे लेने का गंभीर आरोप
कुमार को बंगाल पुलिस ने गत 31 जुलाई को 50 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। अधिवक्ता राजीव कुमार पर वहां हेयर स्ट्रीट थाने में व्यवसायी अमित अग्रवाल ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अमित अग्रवाल ने दावा किया था कि उनके विरुद्ध झारखंड उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका मैनेज करने के नाम पर अधिवक्ता ने 10 करोड़ रुपये मांगे थे। 10 करोड़ देने में असमर्थता जाहिर करने के बाद बात एक करोड़ रुपये पर तय हुई थी। इस मामले में राजीव अपनी पहली किश्त लेने कोलकाता पहुंचे थे। कारोबारी अमित अग्रवाल ने बंगाल पुलिस की मदद से उन्हें गिरफ्तार करवाया था।

31 जुलाई को 50 लाख रुपये के साथ किया गया था गिरफ्तार
31 जुलाई 2022 को कोलकाता पुलिस ने अधिवक्ता राजीव कुमार को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल ने हेयर स्ट्रीट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस संबंध में बताया जाता है कि एक पीआईएल से अधिवक्ता अमित अग्रवाल का नाम हटाने के एवज में राजीव कुमार ने 10 करोड़ की रिश्वत मांगी थी लेकिन डील 1 करोड़ रुपये में फाइनल हुई। इसी रकम का आधा हिस्सा यानी 50 लाख रुपये लेने के लिए राजीव कोलकाता गए थे। वहां हैरिसन स्ट्रीट स्थित बिजनेस कॉम्प्लेक्स से उनको गिरफ्तार किया गया। ईडी ने बाद में मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर लिया था।

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