राज्य में 26 हजार शिक्षकों की बहाली शीघ्र..

बेरमो : झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि जल्द ही 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति सरकार करेगी। जिसकी बहाली कुछ दिनों के अंदर निकलने वाली है। 26 हजार में 13 हजार पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित होगा। जिसके बाद 71 हजार शिक्षकों की बहाली को लेकर फाइल प्रक्रियाधीन है। इस पर भी जल्द सहमति मिल जायेगी। यह बात उन्होंने गुरुवार को बेरमो अनुमंडल के चंद्रपुरा प्रखंड अंतर्गत लुपसाडीह मैदान में आयोजित सभा में कही। मंत्री श्री महतो ने कहा कि हमारा प्रमुख एजेंडे में पारा टीचर है। पारा शिक्षकों को जल्द ही सौगात मिलेगी। हम दिन-रात एक कर पारा शिक्षकों के हित के लिए सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू होने से कोई भी नहीं रोक सकता।

सुबह 11:30 बजे हेलीकॉप्टर से सीधे अपने गृह क्षेत्र के चंद्रपुरा प्रखंड के लुपसाडीह मैदान मंत्री जगरनाथ महतो पहुंचे। इसके बाद मंत्री ने यहां सभा को संबोधित भी किया। मंत्री को देखने के लिए आसपास के गांवों से काफी संख्या में लोग जुटे थे। ग्रामीण काफी खुश दिखे। गाजे-बाजे के साथ मंत्री का स्वागत किया गया। लगभग 20 मिनट तक लगातार मंत्री श्री महतो ने लोगों को संबोधित किया। इसके बाद वे विशुघाट पहाड़ी गये जहां भंडारीदह रेलवे क्रासिंग से अलारगो पानी टंकी तक DMFT मद से 3 करोड़ 58 लाख 60 हजार की लागत से (2.6 किमी) बनने वाले विशुघाट पथ का शिलान्यास किया। इसके साथ ही नावाडीह प्रखंड के चिरुडीह में दो करोड़ 68 लाख 93 हजार 986 रुपये की लागत के बनने वाले आइटीआइ भवन का भी शिलान्यास किया।

उन्होंने कहा कि शीघ्र ही झारखंड राज्य की सभी पंचायतों में एक-एक माडर्न विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिसमें अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। आंगनबाड़ी सेविकाओं का जल्द ही वेतनमान बढ़ाया जाएगा। नावाडीह में आइटीआइ संस्थान बन रहा है। जल्द ही वहां डिग्री कालेज भी बनवाया जाएगा। कहा कि भंडारीदह में दामोदर नदी पर पुल बनकर तैयार है, संपर्क पथ का निर्माण हो रहा है। जल्द ही उस पथ को जैनामोड़-नावाडीह पथ से टू-लेन सड़क के जरिये जोड़ दिया जाएगा। यहां से मंत्री अपने गांव के शिव मंदिर, काली मंदिर, हनुमान मंदिर भी गये। जहां पूजन-अर्चन के बाद अपने घर पहुंचे। घर में परिजनों से मिलने के बाद वे दोपहर 3:30 बजे बने पुन: हेलिपेड स्थल पहुंच गये। जहां से फिर रांची वापस लौट गये।

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