बोकारो स्टील लिमिटेड में नौकरी की मांग कर रहे विस्थापितों के आंदोलन ने गुरुवार, 3 अप्रैल को हिंसक रूप ले लिया. इस दौरान सीआइएसएफ ने लाठीचार्ज किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. इस घटना के बाद प्रशासन ने मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी और बीएसएल तथा सीआइएसएफ के खिलाफ केस दर्ज किया गया.
कैसे भड़का आंदोलन?
बोकारो स्टील प्लांट में अप्रेंटिस का प्रशिक्षण ले रहे विस्थापित युवा लंबे समय से नौकरी की मांग कर रहे थे. गुरुवार की सुबह करीब 8 बजे वे अपनी मां, पत्नी और बच्चों के साथ कंपनी के मुख्य गेट पर पहुंचे और वहां जाम लगा दिया. उन्होंने प्लांट जाने वाले कर्मचारियों और वाहनों को रोक दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई. शाम करीब 5 बजे प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर इस्पात भवन के अंदर प्रवेश करने का प्रयास करने लगे. सुरक्षा में तैनात सीआइएसएफ के जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी, तो लाठीचार्ज कर दिया. इस लाठीचार्ज में चार प्रदर्शनकारी घायल हुए, जिनमें से 32 वर्षीय प्रेम महतो की इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक प्रेम महतो हरला थाना क्षेत्र के शिबूटांड़ गांव का निवासी था.
हिंसा और बढ़ी
लाठीचार्ज के दौरान स्थिति थोड़ी शांत हो गई थी, लेकिन कुछ देर बाद फिर से हिंसा भड़क उठी. विस्थापितों ने फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी को रोक लिया और सीआइएसएफ के वाहन के शीशे तोड़ दिए. इसके जवाब में सीआइएसएफ ने एक बार फिर लाठीचार्ज किया.
प्रशासन की प्रतिक्रिया
बोकारो की उपायुक्त विजया जाधव ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस मामले में मजिस्ट्रेट की नियुक्ति कर दी है. उन्होंने यह भी कहा कि बीएसएल और सीआइएसएफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में लाने की दिशा में प्रयास कर रहा है.
विस्थापितों की मांग
विस्थापित युवाओं का आरोप है कि बीएसएल उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है. जिला प्रशासन ने कई बार इस मुद्दे को बीएसएल के संज्ञान में लाया, लेकिन हर बार बीएसएल इसे दिल्ली में लंबित मामला बताकर टाल देता है.
घटनाक्रम
• सुबह 8 बजे: विस्थापित युवा अपने परिवार के साथ कंपनी के गेट पर पहुंचे और जाम लगा दिया.
• दोपहर: प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई.
• शाम 5 बजे: प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद सीआइएसएफ ने लाठीचार्ज किया.
• लाठीचार्ज: चार लोग घायल हुए, जिनमें से एक की मौत हो गई.
• हिंसा जारी: प्रदर्शनकारियों ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी रोकी और सीआइएसएफ के वाहन के शीशे तोड़े.
• प्रशासन की प्रतिक्रिया: मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई, बीएसएल और सीआइएसएफ के खिलाफ केस दर्ज.
आगे की स्थिति
प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. वहीं, विस्थापित युवा अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और उन्होंने आंदोलन को जारी रखने का संकेत दिया है.