जेएसएससी ने दो सालों से जारी नहीं किया चार परीक्षाओं का परिणाम, उम्मीदवार परेशान..

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से ली गयी प्रतियोगिता परीक्षाओं के रिजल्ट का इंतजार उम्मीदवार दो साल से अधिक समय से कर रहे हैं | लेकिन आयोग की तरफ से अभी तक उन्हें कोई सूचना नहीं मिली है कि जो परीक्षाएं उन्होंने दी हैं, उनका परिणाम कब तक जारी किया जायेगा |आपको बता दें कि साल 2018 में दी गई , झारखंड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा , विशेष सेवा आरक्षी (क्लोज कैडर) प्रतियोगिता परीक्षा व कारा वाहन चालक प्रतियोगिता परीक्षा के अलावा इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2017 का परिणाम अब तक जारी नहीं किया गया है | जिससे उम्मीदवारों में काफी निराशा देखा जा रहा है |

जानकारी के अनुसार झारखण्ड उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए 26 दिसंबर 2018 से 9 फरवरी 2019 तक आवेदन लिये गये थे | यह प्रतियोगिता परीक्षा 518 पदों पर नियुक्ति के लिए ली गयी थी | जिसमें अनारक्षित श्रेणी के लिए 264, अनुसूचित जनजाति के लिए 138, अनुसूचित जाति के लिए 50, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 22 और पिछड़ा वर्ग के लिए 44 पद निर्धारित थे | वहीं महिलाओं के लिए 13 पद अतिरिक्त थे | ये प्रतियोगिता परीक्षा 4 अगस्त 2019 को लिया गया था | लेकिन परेशानी की बात ये है कि परीक्षा लिये जाने के 18 महीने बाद भी रिजल्ट प्रकाशित नहीं किया गया है |

साथ ही , विशेष सेवा आरक्षी (क्लोज कैडर) प्रतियोगिता परीक्षा के पद पर बहाली के लिए 04 जनवरी 2019 से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई थी जो 18 फरवरी तक चली थी | जिसमें 1012 पदों के लिए यह आवेदन जारी किया गया था | इनमें अनारक्षित श्रेणी के लिए 506, अनुसूचित जनजाति के लिए 263, अनुसूचित जाति के लिए 101, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 81 और पिछड़ा वर्ग के लिए 61 पद निर्धारित थे | यह परीक्षा 01 सितंबर 2019 को रांची के 72 केंद्रों में ली गयी थी | इस परीक्षा में लगभग 35 हजार उम्मीदवार शामिल हुए थे | अभी तक इस प्रतियोगिता परीक्षा का भी रिजल्ट जारी नहीं किया गया है |

वहीं , राज्य के विभिन्न जेलों में कारा चालकों की नियुक्ति के लिए 2018 में आवेदन भरे गये थे | इस विज्ञापन से लाइट मोटर व्हीकल चालक के 73 और हेवी मोटर व्हीकल चालक के 11 पदों पर नियुक्ति होनी थी |आपको बता दें कि एलएमवी के 73 पदों में से अनारक्षित कोटे के लिए 37, अनुसूचित जनजाति के लिए 19, अनुसूचित जाति के लिए 07, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 06 और पिछड़ा वर्ग के लिए 04 पद निर्धारित थे | इस प्रतियोगिता परीक्षा के लिए एचएमवी के 11 पदों में से अनारक्षित कोटे के लिए 06, अनुसूचित जनजाति के लिए 03, अनुसूचित जाति के लिए 01 और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 01 पद आरक्षित थे | यह प्रतियोगिता परीक्षा साल 2019 में ही ली गयी थी | लेकिन अब तक उम्मीदवार रिजल्ट का ही इंतजार कर रहे हैं |

साल 2017 में इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से राज्य के पंचायतों में पंचायत सचिव और लिपिक की नियुक्ति होनी है | इसके तहत विज्ञापन जारी होने के बाद परीक्षा ली गयी और इस पद के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी हुआ था | लेकिन, आज तक नतीजे घोषित नहीं किये गये हैं | इस प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से तीन हज़ार से अधिक उम्मीदवारों की नियुक्ति होनी है |

आपको बता दें कि इस मामले में बीते शुक्रवार को झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष सुधीर त्रिपाठी मुख्य सचिव सुखदेव सिंह से मुलाकात की | उन्होंने मुख्य सचिव से जानना चाहा कि आयोग उन प्रतियोगिता परीक्षाओं के बारे में क्या किया जा रहा है | जो संपन्न हो चुके हैं, लेकिन जिसका रिजल्ट नहीं निकला है |जानकारी के अनुसार, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने आयोग के सवालों पर सरकार के साथ बातचीत के बाद अंतिम निर्णय से अवगत कराने का आश्वासन दिया है | आयोग अब सरकार का स्पष्ट मंतव्य चाहता है कि क्या वह पूर्व में विज्ञापित परीक्षाओं को रद्द करने के लिए संबंधी अधिसूचना जारी कर दे |

राज्य सरकार ने कैबिनेट में नियोजन नीति को लेकर फैसला लिया है | इस फैसले में यह भी कहा गया है कि नियुक्ति संबंधी जो भी विज्ञापन कार्मिक विभाग के 2018 के संकल्प से आच्छादित है और अब तक नियुक्ति पत्र निर्गत नहीं हुआ है , उनकी नियुक्ति प्रक्रिया को अधूरा मानते हुए सभी विज्ञापनों को निरस्त किया जाये |

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