पहले देख लिए सपना, अब माँग रहे माफ़ी..

इन्हें तो सपनों ने लूटा!!! भैया ये जो सपने हैं आजकल बहुतै बेईमान हो गए हैं । छिछोरेपंती में वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं । कब किसका नम्बर आ जाए कोई भरोसा नहीं है । बताइये कभी चाची की बाची सपनों में आ रही हैं तो कभी किसी की बिटिया ।

अब भैया अपनी भोजपुरी के सबसे बड़े सिंगर को भला कौन नहीं जानता । दुनिया भर में डंका बजता है इनका । पहले कुछ टुटपुंजिया टाइप गायक इनसे टक्कर लेने की बहुत कोशिश किये लेकिन भैया हीरे की चमक के आगे भला कउन टिक पाया है । सो ज्यादातर भोजपुरी इंडस्ट्री ही छोड़ दिए । कुछ बॉलीवुड ज्वाइन कर लिए तो कुछ पॉलिटिक्स में घुस गए ।

इधर एक नए नवेले गायक आये । नाम है पंकज सिंह ।अब नये थे तो मशहूर होने की भी जल्दी थी । मल्लब एकदम चुल्ल मची थी । सेलिब्रिटी जो बनना था । समय कम था और मंजिल दूर । बस्स डायरेक्ट पांचवां गियर डाल के एक्सीलेरेटर एकदम अंईठ दिए । लेकिन जल्दी जल्दी में सिंह साहब बहुत बड़ी वाली गलती कर बइठे । टक्कर सीधे ले लिए ।

मल्लब एकदम ऐसा गाना बनाये कि रिलीज होते ही छा गया । समस्या वही – सपना । इनको भी सपना ही ले डूबी । अच्छा मजे की बात देखिये दिलवाले पिच्चर में अच्छे भले अपने अजय भैया को भी सपना ने ही बर्बाद किया । बताइये इत्ते सालों में भी कुछ नहीं बदला । सपना तब भी लोगों को बर्बाद करती थी और आज भी लोगों को बर्बाद ही कर रही है ।

तो भैया ये सपना देख लिए । देखे तो देखे पूरी दुनिया को भी ढोल नगाड़े बजा बजा के बता दिए । फिर क्या था रातों रात सुपरस्टार बन गए । पिछली कुछ रातों से आसमान में सबसे ज्यादा यही तो चमक रहे हैं । जवानी तो पहले से भरी पड़ी थी सेलिब्रिटी बनने का जोश भी अईसा चढ़ा कि उम्र तक भूल गए । मान, मर्यादा सब कबाड़ में बेच खाये ।

लेकिन भैया समय सब सिखा देता है । तभी तो कोपचे में लेके लाइव किये गए । फिर हाथ, पैर सब छूके माफ़ी माँगे हैं । एक नहीं बारम्बार मांगे हैं । अरे भैया चुम्मे से विटामिन निकालो, प्रोटीन, आयोडीन निकालो । वैसे भी कोरोना टाइम में लोगों को इसकी बड़ी जरूरत है । बाकी कम से कम बिटिया, बहिनी को छोड़ ही देयो ।

*यह एक व्यंग्य लेख है । इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति, वस्तु, पद या स्थान की आलोचना करना नहीं है । न ही इसका कोई राजनीतिक मन्तव्य है ।

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