रांची में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने कोतवाली थाना के एक सब-इंस्पेक्टर (एसआई) को घूस लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है. यह मामला एक मोबाइल फोन को छुड़ाने के नाम पर रिश्वत मांगने से जुड़ा है.
कैसे हुआ मामला उजागर?
जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना पुलिस ने हाल ही में आर्म्स एक्ट के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया था. इस गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी का एक महंगा मोबाइल फोन जब्त कर लिया. इस केस की जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर ऋषिकांत को सौंपी गई थी. पीड़ित पक्ष के अनुसार, जब आरोपी के भाई ने मोबाइल को वापस लेने के लिए पुलिस से संपर्क किया, तो इंस्पेक्टर ऋषिकांत ने इसके बदले में पांच हजार रुपये की रिश्वत की मांग की. इस पर आरोपी के भाई ने एसीबी से शिकायत कर दी.
ACB का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया. एसीबी की टीम ने महिला थाना परिसर में घूस की रकम लेते समय इंस्पेक्टर ऋषिकांत को रंगेहाथों पकड़ लिया. रिश्वत लेते ही टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई.
पुलिस महकमे में हड़कंप
एसआई की गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. भ्रष्टाचार के मामलों पर पहले से ही सरकार और एजेंसियां सख्ती बरत रही हैं, ऐसे में पुलिस विभाग में होने वाला भ्रष्टाचार गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है.
ACB की लगातार कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब एंटी करप्शन ब्यूरो ने झारखंड में किसी सरकारी अधिकारी को घूस लेते पकड़ा है. एसीबी लगातार भ्रष्टाचार के मामलों पर कार्रवाई कर रही है और सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने की कोशिश में जुटी हुई है.