झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरहुल पूजा के अवसर पर छात्र-छात्राओं को आश्वासन दिया कि वे केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, बाकी सभी सुविधाओं की व्यवस्था सरकार करेगी. उन्होंने इस दौरान कहा कि आने वाले 25 साल झारखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और सरकार प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है.
सरहुल महापर्व पर मुख्यमंत्री का संदेश
सरहुल पूजा महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमारी परंपरा, सभ्यता-संस्कृति और आस्था से जुड़ा हुआ है. इससे जीवन में उमंग, उत्साह और उल्लास का संचार होता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व हमें हमारी विरासत से जोड़ता है और हमें इसे आगे बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने इस प्रकृति पर्व की परंपराओं को मजबूत किया है और अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इसे और सशक्त बनाएं. झारखंड में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, और इसे मनाने से हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा मिलती है.
छात्र-छात्राओं को सरकार का भरोसा
मुख्यमंत्री ने आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर, करमटोली में आयोजित सरहुल पूजा महोत्सव के दौरान छात्रों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र-छात्राओं के भविष्य को संवारना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी छात्रावासों का जीर्णोद्धार कर रही है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. करमटोली स्थित आदिवासी कॉलेज छात्रावास और महिला कॉलेज छात्रावास में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाई जाएगी ताकि छात्रों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, बाकी सभी सुविधाओं की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी
झारखंड के विकास के लिए 25 साल अहम
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के विकास के लिए आने वाले 25 साल बेहद महत्वपूर्ण हैं. सरकार योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है ताकि प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. उन्होंने कहा कि सरकार झारखंड के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि युवा केवल अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, सरकार उनकी हर जरूरत पूरी करेगी.
प्रकृति और परंपराओं से जुड़ने का संदेश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरहुल पूजा के दौरान पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य के विकास, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की. इसके अलावा, उन्होंने परिसर में सखुआ का पौधा लगाकर प्रकृति से जुड़े रहने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय कम है, लेकिन फिर भी हमें अपनी परंपराओं और संस्कृति से जुड़े रहने के लिए समय निकालना चाहिए. यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है.
समाज में भाईचारा और उत्सव का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी कॉलेज छात्रावास परिसर में हर वर्ष सरहुल महापर्व धूमधाम से मनाया जाता है. यहां आकर सभी के साथ खुशियां बांटने का मौका मिलता है. उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों का जश्न मिलकर मनाने से आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं और समाज में भाईचारा बढ़ता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की परंपरा, संस्कृति और आस्था की जड़ें बहुत गहरी हैं. सरकार इन्हें मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि हम सभी को अपनी विरासत को सहेज कर रखना चाहिए और इसे आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए.
कृषि मंत्री और विधायक ने भी दी शुभकामनाएं
सरहुल पूजा महोत्सव के अवसर पर कृषि मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की और विधायक कल्पना सोरेन ने भी पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और राज्य के विकास तथा खुशहाली की कामना की. इससे पहले उन्होंने सिरमटोली जाकर भी पूजा-अर्चना की.