रांची: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना के तहत लगभग दो लाख महिलाओं को फिलहाल योजना की राशि नहीं मिल सकी है। इसका मुख्य कारण है डाटा मिसमैच। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अनुसार, इन लाभुकों के दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई है, जिससे उनकी बैंक खातों का सत्यापन नहीं हो सका।
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विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में 16 लाख लाभुकों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं, लेकिन उनके अन्य दस्तावेज सही पाए गए हैं। ऐसे लाभुकों को भी मार्च तक की राशि देने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में विभाग ने 26 मार्च को जिलों को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि सत्यापन के बाद ऐसे लाभुकों को भी भुगतान किया जाए।
दो लाख लाभुकों में प्रमुख समस्याएं:
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बैंक खाता सत्यापन में त्रुटि: कई लाभुकों द्वारा दिए गए खाता नंबर और IFSC कोड में मेल नहीं होने के कारण राशि ट्रांसफर नहीं हो सकी।
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नाम में असमानता: आधार कार्ड व राशन कार्ड में नाम और पता अलग-अलग होने से सत्यापन नहीं हो पाया।
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स्वघोषणा पत्र में त्रुटि: कई लाभुकों ने आवेदन पत्र के साथ स्वघोषणा पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया था, जिससे आवेदन अमान्य हो गया।
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एक से अधिक आवेदन: कुछ लाभुकों ने योजना के लिए एक से अधिक आवेदन जमा कर दिए थे, जिससे सत्यापन में बाधा आई।
सत्यापन की प्रक्रिया जारी:
विभिन्न जिलों में प्रखंड स्तर पर लाभुकों का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। कागजातों की जांच के दौरान यह सामने आया कि लगभग दो लाख लाभुकों के दस्तावेज आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। जब तक दस्तावेजों में सुधार नहीं किया जाएगा, इन लाभुकों की राशि होल्ड पर ही रहेगी।
अब तक कितनी महिलाओं को मिली राशि?
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दिसंबर 2024 तक 56.61 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है।
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मार्च 2025 में, होली से पहले, 38.34 लाख महिलाओं को जनवरी से मार्च तक की राशि ट्रांसफर की गई थी।
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अब दूसरे चरण में 16 लाख महिलाओं को ₹7500 की राशि दी जा रही है।
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि योजना के सभी पात्र लाभुकों को बिना किसी भेदभाव के योजना का लाभ मिले। इसके लिए सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाते हुए त्रुटियों को दूर किया जा रहा है। जिन लाभुकों का डाटा सही पाया गया है, उन्हें जल्द ही राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।