रांची: झारखंड की राजनीति और उद्योग जगत में उस समय हलचल मच गई जब देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति और अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। इस बैठक को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालाँकि, आधिकारिक स्तर पर इसे एक औपचारिक बैठक बताया गया है, जिसमें झारखंड में निवेश और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
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पहली बार झारखंड दौरे पर आए गौतम अडानी
राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर था जब गौतम अडानी रांची आए और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर वापस लौट गए। जानकारी के मुताबिक, गौतम अडानी शाम 7 बजे अपने चार्टर्ड प्लेन से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचे और मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद रात 10 बजे रवाना हो गए।
गोड्डा पावर प्लांट और निवेश की संभावना
अडानी समूह झारखंड में पहले से ही गोड्डा जिले में पावर प्लांट स्थापित कर चुका है, जहां से बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा, कंपनी को हजारीबाग जिले के बड़कागांव स्थित गोंदलपुरा में कोल ब्लॉक आवंटित हुआ है। हालाँकि, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में कई चुनौतियाँ आ रही हैं। इस बैठक को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सदन में उठा था अडानी पावर प्लांट का मामला
बीते बजट सत्र के दौरान गोड्डा स्थित अडानी पावर प्लांट का मुद्दा विधानसभा में उठा था। विधायक प्रदीप यादव ने आरोप लगाया था कि भूमि अधिग्रहण के दौरान संथाल परगना टेनेंसी (एसपीटी) एक्ट का उल्लंघन हुआ है। इस पर सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर जमीन अधिग्रहण और पावर परचेज एग्रीमेंट की समीक्षा करने का फैसला लिया था।
मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलचल तेज
इस बैठक की पूर्व जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को लेकर यह मुलाकात कितनी प्रभावी होगी, यह आने वाले समय में साफ होगा। फिलहाल, अडानी समूह और राज्य सरकार के बीच इस बैठक को झारखंड में औद्योगिक विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।