झारखंड में शराब की खुदरा बिक्री से संबंधित नई उत्पाद नीति एक अप्रैल से लागू नहीं हो सकेगी. सरकार द्वारा प्रस्तावित इस नीति को अभी कई प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना है. उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने इस नीति का ड्राफ्ट जारी किया था और आम जनता व हितधारकों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए थे. अब इन आपत्तियों और सुझावों को शामिल करके संशोधित नियमावली तैयार की जा रही है. इसके बाद यह फाइल विधि विभाग, राजस्व पर्षद, वित्त विभाग और अंततः कैबिनेट से स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी.
कई प्रक्रियाओं से गुजरना बाकी, जल्दबाजी में लागू नहीं होगी नीति
राज्य सरकार ने नई उत्पाद नीति को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कई स्तरों पर विचार-विमर्श किया है. विभागीय मंत्री योगेंद्र प्रसाद भी इस नीति को जल्दबाजी में लागू करने के पक्ष में नहीं हैं. वे पूर्व की नीतियों पर उठे सवालों का भी अध्ययन कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस नीति पर कोई विवाद न खड़ा हो.
नीति लागू करने में लग सकता है अधिक समय
नई नीति के नियमों को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद कम से कम 45 दिनों का समय चाहिए. ऐसे में अब संभावना जताई जा रही है कि इस नीति को एक मई से पहले लागू करना संभव नहीं होगा.
नई नीति की प्रक्रिया
• संशोधित नियमावली तैयार की जा रही है – जनता और हितधारकों की आपत्तियों व सुझावों को शामिल करके नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है.
• विभागीय मंत्री की सहमति के बाद विधि विभाग को भेजा जाएगा – नीति को कानूनी रूप से मजबूती देने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है.
• विधि विभाग के बाद राजस्व पर्षद की मंजूरी जरूरी – इसमें वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा होगी.
• फाइल वित्त विभाग और फिर कैबिनेट में जाएगी – कैबिनेट की स्वीकृति के बिना नीति को लागू नहीं किया जा सकता.
• विधानसभा की स्वीकृति के बाद अधिसूचना जारी होगी – बजट सत्र में इस नीति को सदन की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा.
• अधिसूचना जारी होने के बाद लागू करने में 45 दिन लगेंगे – सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा.
नीति को लागू करने में हो रही देरी के कारण
• प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय लगना – नीति को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार सभी स्तरों पर अध्ययन कर रही है.
• विभागीय मंत्री की ओर से गहन समीक्षा – मंत्री योगेंद्र प्रसाद सभी बिंदुओं पर विस्तृत अध्ययन कर रहे हैं ताकि कोई कमी न रहे.
• पूर्व की नीतियों पर उठे सवालों की समीक्षा – सरकार नहीं चाहती कि इस नीति पर भी भविष्य में कोई विवाद खड़ा हो.
• विधानसभा की मंजूरी आवश्यक – सरकार इस नीति को बजट सत्र में पेश करेगी, जिसके बाद ही इसे लागू किया जा सकेगा.
नई उत्पाद नीति का उद्देश्य
• शराब की खुदरा बिक्री को नियंत्रित करना – सरकार चाहती है कि इस नीति के तहत निजी हाथों से शराब की बिक्री को बेहतर रूप से प्रबंधित किया जाए.
• राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करना – सरकार को उम्मीद है कि इस नीति से राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी.
• अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाना – नई नीति के तहत सख्त प्रावधान किए गए हैं, जिससे अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगेगा.
क्या नई नीति मई में लागू होगी?
फिलहाल, यह पूरी संभावना है कि नई उत्पाद नीति एक मई से पहले लागू नहीं हो सकेगी. कैबिनेट की मंजूरी और विधानसभा की स्वीकृति मिलने के बाद ही सरकार इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू करेगी. तब तक सरकार जनता और हितधारकों के सुझावों पर विचार कर रही है ताकि इस नीति को पूरी तरह से प्रभावी और विवादरहित बनाया जा सके.