झारखंड में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. कई ठिकानों पर हुई छापेमारी के बाद ईडी की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है. इसी बीच जमशेदपुर के विधायक और वरिष्ठ नेता सरयू राय ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए बड़ा बयान दिया है.
कोरोना काल में आयुष्मान योजना में हुआ करोड़ों का घोटाला
सरयू राय ने खुलासा किया कि कोरोना महामारी के दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत झारखंड में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है. उन्होंने कहा कि अकेले 40 करोड़ रुपये के फर्जी बिल अब तक विभाग में पड़े हुए हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
200 से अधिक अस्पताल शामिल, मंत्री की भूमिका संदिग्ध
सरयू राय का कहना है कि राज्यभर के 200 से ज्यादा अस्पताल इस घोटाले में शामिल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला बिना किसी मंत्री की मिलीभगत के संभव नहीं है. उनका इशारा साफ तौर पर उस समय के स्वास्थ्य मंत्री की ओर था.
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के सचिव पर ईडी की कार्रवाई
सरयू राय ने बताया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के निजी सचिव के घर ईडी की छापेमारी यह साबित करती है कि मामला सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि जब तक ऊपर से लेकर नीचे तक की सांठगांठ न हो, तब तक इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा संभव नहीं.
गंभीर आरोप: जनता की जान से खेला गया
सरयू राय ने कहा कि जब पूरा देश कोरोना से जूझ रहा था, तब झारखंड में कुछ लोगों ने गरीबों और मरीजों के हक की योजना को लूटने का जरिया बना लिया. बिना इलाज के अस्पतालों ने फर्जी बिल बनाकर करोड़ों रुपये हड़प लिए.
ईडी की कार्रवाई को बताया पहली कड़ी
सरयू राय ने कहा कि ईडी की छापेमारी इस घोटाले की जांच की बस पहली कड़ी है. आने वाले दिनों में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिले.
जनता से की सतर्क रहने की अपील
सरयू राय ने जनता से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं में हो रहे घोटालों पर नजर रखें और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें. उन्होंने कहा कि अगर जनता सतर्क रहेगी, तो ऐसे घोटालेबाजों को बचना मुश्किल होगा.
राजनीति में फिर गर्मी, विपक्ष को मिला मुद्दा
इस पूरे मामले ने झारखंड की राजनीति को फिर गर्म कर दिया है. सरयू राय के बयान के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया मुद्दा मिल गया है. अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि ईडी की कार्रवाई और जांच में आगे क्या खुलासा होता है.