साहेबगंज में रेल हादसा: मालगाड़ी की 18 बोगियां पटरी से उतरीं..

साहेबगंज/रांची। झारखंड के साहेबगंज जिले में गुरुवार तड़के एक बड़ा रेल हादसा हुआ, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया। मालदा रेल मंडल के अंतर्गत बरहरवा रेलवे लोडिंग पॉइंट के पास चिप्स से भरी एक मालगाड़ी के करीब 18 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसा इतना भयावह था कि बोगियां एक-दूसरे पर चढ़ गईं और कई बोगियां ट्रैक के किनारे गिरकर क्षतिग्रस्त हो गईं।

सौभाग्य से इस दुर्घटना में किसी तरह की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि रेलवे को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। घटना के बाद रेलवे अधिकारी और राहत दल मौके पर पहुंचे और पटरी को खाली कराने का कार्य शुरू कर दिया।

कैसे हुआ हादसा?

बरहरवा रेलवे लोडिंग पॉइंट पर चिप्स से भरी एक मालगाड़ी ढलान की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक ट्रेन का संतुलन बिगड़ गया और बोगियां तेज आवाज के साथ पटरी से उतरने लगीं। कुछ बोगियां तो एक-दूसरे पर चढ़ गईं और कई ट्रैक के किनारे गिर गईं।

प्रारंभिक जांच में बताया जा रहा है कि ढलान वाले हिस्से में ब्रेक फेल होने या लोडिंग के समय तकनीकी गड़बड़ी के कारण यह हादसा हुआ।

क्या हुआ नुकसान?

  • 18 बोगियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।

  • बोगियों में लदा माल ट्रैक और आस-पास बिखर गया।

  • रेलवे की पटरी और सिग्नल सिस्टम को भी गंभीर क्षति हुई।

  • हादसे के कारण मालदा रेल मंडल के इस हिस्से में ट्रेन परिचालन ठप हो गया है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पटरी की मरम्मत और क्षतिग्रस्त बोगियों को हटाने में कई घंटे लग सकते हैं।

ग्रामीणों में मचा हड़कंप

हादसे की तेज आवाज सुनकर पास के गांव के लोग मौके पर पहुंचे। हालांकि उन्हें इस बात की राहत रही कि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि बोगियां पलटकर निचली बस्ती की ओर जा सकती थीं, लेकिन समय रहते वे वहीं रुक गईं।

रेलवे की राहत व बचाव कार्यवाही

मालदा रेल मंडल के अधिकारी, तकनीकी दल और राहतकर्मी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। क्रेन और अन्य भारी मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त बोगियों को हटाने का काम जारी है। रेलवे प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

रेलवे प्रवक्ता के मुताबिक, “हादसे की गंभीरता को देखते हुए टीम अलर्ट पर है। प्राथमिकता पटरी को साफ करने और ट्रैफिक बहाल करने की है।”

इस तरह के हादसों का कारण

रेलवे के विशेषज्ञों के अनुसार, ढलान वाले क्षेत्रों में मालगाड़ियों का संचालन जोखिम भरा होता है। यदि:

  • ब्रेकिंग सिस्टम में गड़बड़ी हो,
  • लोडिंग असंतुलित हो,
  • या ट्रैक पर तकनीकी समस्या हो,
  • तो इस तरह के हादसे हो सकते हैं।

साहेबगंज का यह हादसा रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन माल और रेलवे की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। यह घटना रेलवे के लिए एक चेतावनी है कि लोडिंग प्वाइंट्स और ढलान वाले इलाकों में सख्त निगरानी और आधुनिक तकनीक की व्यवस्था की जाए।

रेलवे अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही ट्रैक को बहाल कर परिचालन शुरू किया जाएगा और हादसे के कारणों का पता लगाकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

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