रांची: झारखंड सरकार के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 राजस्व संग्रहण के लिहाज से ऐतिहासिक रहा। इस वर्ष विभिन्न टैक्स माध्यमों से राज्य को कुल 22,291.92 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो अब तक का सर्वाधिक टैक्स कलेक्शन है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 की तुलना में 1216.55 करोड़ रुपये अधिक है।
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राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 21,075.37 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया गया था, जबकि 2021-22 में यह आंकड़ा 19,750.75 करोड़ रुपये था। यानी चार वर्षों में राज्य के टैक्स कलेक्शन में करीब 2500 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
एसजीएसटी बना सबसे बड़ा टैक्स स्रोत
राजस्व संग्रहण में एसजीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स) का योगदान सबसे अधिक रहा। 2024-25 में एसजीएसटी से 14,210.10 करोड़ रुपये, वैट से 6618.53 करोड़, प्रोफेशनल टैक्स से 102.05 करोड़, जबकि इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी से 1361.24 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
वर्षवार टैक्स संग्रहण (आंकड़े करोड़ रुपये में):
वर्ष | एसजीएसटी | वैट | प्रोफेशनल टैक्स | इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी | कुल राजस्व |
---|---|---|---|---|---|
2021-22 | 13,713.14 | 5,162.88 | 87.19 | 787.54 | 19,750.75 |
2022-23 | 13,533.93 | 6,285.80 | 94.18 | 1,126.09 | 21,040 |
2023-24 | 12,647.40 | 6,938.26 | 100.46 | 1,389.25 | 21,075.35 |
2024-25 | 14,210.10 | 6,618.53 | 102.05 | 1,361.24 | 22,291.92 |
रांची डिवीजन में भी उल्लेखनीय वृद्धि
राज्य के रांची डिवीजन में इस वर्ष टैक्स कलेक्शन में 350 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस डिवीजन में रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, धनबाद और संताल परगना क्षेत्र शामिल हैं। डिवीजन की एडिशनल कमिश्नर कंचन लाल ने कहा कि टैक्स संग्रहण में लगातार हो रही वृद्धि राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था की ओर इशारा करती है।
बिजनेस फ्रेंडली माहौल से बढ़ेगा राजस्व
झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष परेश गट्टानी ने कहा कि इस वर्ष 1200 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व वृद्धि यह दर्शाती है कि राज्य में व्यापारिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सरकार औद्योगीकरण, सिंगल विंडो सिस्टम, भूमि की उपलब्धता और व्यापारिक सुरक्षा पर ध्यान दे तो व्यापार और निवेश दोनों में और अधिक वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा, “अगर सरकार व्यापारियों को सुरक्षित और अनुकूल माहौल प्रदान करे, तो न सिर्फ स्थानीय व्यापारी आगे आएंगे बल्कि बाहरी निवेशक भी झारखंड की ओर आकर्षित होंगे।”