रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा में फर्जीवाड़े का नया खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उन अभ्यर्थियों से पूछताछ शुरू कर दी है, जिन्हें गिरोह ने पेपर दिलाने के नाम पर झांसे में लिया था। इन अभ्यर्थियों को नेपाल के वीरगंज ले जाकर कुछ संभावित सवाल रटवाए गए थे।
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अब तक चिन्हित 28 में से कुछ छात्रों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इन छात्रों ने बताया कि परीक्षा से पहले उन्हें कथित तौर पर प्रश्नपत्र से संबंधित कुछ सवाल याद कराए गए थे, लेकिन सीआईडी की अब तक की जांच में यह साफ हुआ है कि ये ‘गेस पेपर’ थे, न कि असली प्रश्नपत्र।
लाखों की ठगी, स्क्रीनशॉट और बैंक खातों से मिली पुष्टि
गिरोह ने अभ्यर्थियों से परीक्षा के पहले और बाद में मोटी रकम वसूली थी। सीआईडी को कई स्क्रीनशॉट मिले हैं, जिनसे पैसों के लेन-देन की पुष्टि होती है। साथ ही, विभिन्न बैंक खातों का विवरण भी जुटा लिया गया है। फिलहाल, ठगी की कुल राशि का आकलन किया जा रहा है।
पेपर लीक का प्रमाण नहीं
अब तक की जांच में सीआईडी को पेपर लीक से संबंधित कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। यह साफ होता जा रहा है कि अभ्यर्थियों को सिर्फ गुमराह किया गया। उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि जो प्रश्न उन्हें रटवाए जा रहे हैं, वही परीक्षा में आएंगे।
बिहार में भी इसी तरह की ठगी
सीआईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि झारखंड के अलावा बिहार में भी इसी तरह की ठगी की गई थी। वहां की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अभ्यर्थियों को फर्जी गेस पेपर देकर लाखों की वसूली की गई।
सीआईडी अब उन सवालों का मिलान कर रही है जो अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे और 21 व 22 सितंबर को आयोजित हुई परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से उनका कोई संबंध है या नहीं।