हर साल औसतन एक किलोमीटर फैल रही राजधानी रांची

रांची: झारखंड की राजधानी रांची बीते 15 वर्षों में अभूतपूर्व विकास की गवाह बनी है। जहां कभी यह शहर महज सात किलोमीटर के दायरे में सिमटा था, अब यह 20 किलोमीटर तक फैल चुका है। यानी हर साल रांची औसतन एक किलोमीटर का विस्तार कर रही है। इसका प्रमुख कारण बेहतर सड़क नेटवर्क, परिवहन सुविधाओं का विकास और तेजी से बढ़ते आवासीय एवं व्यवसायिक निर्माण हैं।

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विकास का केंद्र बना कनेक्टिंग सड़कों का जाल

शहर के विस्तार में सबसे बड़ी भूमिका कनेक्टिंग सड़कों ने निभाई है। डेढ़ दशक पहले पिस्का मोड़ से रातू, अरगोड़ा से कटहल मोड़, और कोकर से बूटी मोड़ जैसी सड़कें बदहाल स्थिति में थीं। लेकिन अब इन मार्गों का नवीनीकरण और चौड़ीकरण हो चुका है। नतीजा यह है कि ग्रामीण और बाहरी इलाकों से शहर तक की दूरी सिमट गई है और लोग आसानी से इन क्षेत्रों में रहना शुरू कर रहे हैं।

नए इलाकों में चमकती रांची

रांची के कई इलाके अब व्यवसायिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभर चुके हैं:

  • धुर्वा: विधानसभा, हाईकोर्ट, आईआईएम, जेएससीए स्टेडियम और कई निजी विश्वविद्यालयों के साथ यह इलाका राजधानी का कोर कैपिटल एरिया बन चुका है।

  • ओरमांझी: वाटर एम्युजमेंट पार्क, सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल, मॉल और वाहन शोरूम से समृद्ध।

  • कांके और नामकुम: कई विश्वविद्यालय, लॉ कॉलेज, जेयूटी और अन्य संस्थान शुरू हुए हैं।

  • टाटीसिलवे और तुपुदाना: शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और ब्रांडेड आउटलेट्स का निर्माण हुआ है।

  • कटहल मोड़, दलादली और रातू: अब ब्रांडेड दुकानों, वाहन शोरूम और बैंकों के कार्यालयों से सज चुके हैं।

परिवहन व्यवस्था में क्रांति

एक समय था जब शहर में केवल डीजल ऑटो और पैडल रिक्शा चलते थे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। आज रांची की सड़कों पर 20 हजार से अधिक ऑटो दौड़ रहे हैं। इसके साथ ही ई-रिक्शा, प्रीपेड ऑटो, ओला-उबर जैसी सेवाओं ने आवागमन को और सुगम बना दिया है। इससे न केवल सफर आसान हुआ है, बल्कि रोजगार के भी नए अवसर खुले हैं।

गांवों की ओर शिफ्ट हो रही आबादी

बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं के कारण अब शहरी आबादी ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर रही है। पुंदाग जैसे इलाके, जो कभी शांत और पिछड़े माने जाते थे, अब मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों से चमक रहे हैं। शाम होते ही इन क्षेत्रों की रोशनी रांची की बदलती तस्वीर बयां करती है।

निजी क्षेत्र ने बढ़ाए रोजगार के अवसर

शहर में मॉल, ब्रांडेड शोरूम, ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी, हेल्थकेयर और एजुकेशन जैसे निजी क्षेत्र के आगमन से जीवनशैली में बदलाव आया है। इन सेवाओं ने न केवल सुविधाएं बढ़ाई हैं, बल्कि रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा किए हैं।

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